घर में जीरो वाट लैंप द्वारा बिजली बचाएँ? | बिजली बचत के लिए एलईडी बल्ब का उपयोग करें?

घर में जीरो वाट लैंप द्वारा बिजली बचाएँ?:- आप सभी लोगो ने अपने आस पास के घरों घरों में LED बल्ब तो जरूर देखें होंगे या आपके अपने घरों में LED बल्ब का उपयोग किया जा रहा होगा। LED बल्ब के बारे में हम सभी बहुत अच्छे से जानते हैं ये कम तीव्रता वाले वल्ब होते हैं जिनका इस्तेमाल हम अपने घरों में लगे फ़ोटो फ्रेम, छोटे मंदिरों में डेकुरेशन, या रोशनी करने के लिए करते है। और ये LED बल्व कई रंगों में आते है जैसा कि अल सभी ने सुना होगा कि रात में पढ़ाई करने के लिए यदि हरे रंग का इस्तेमाल किया जाए तो इससे शिक्षा में काफी अच्छा प्रभाव पड़ता है। कम तीव्रता या कम वाट के होने के कारण ही इन LED बल्ब को जीरो वाट बल्ब भी कहा जाता है।

इन बल्बों को जीरो वाट कहे जाने से ही बहुत से लोगो को यह लगता है कि यह बल्ब बिजली की खपत बहुत ही कम करते हैं जिस कारण वह इनका प्रयोग हर समय करने में बिल्कुल भी नही हिचकिचाते है। अब सवाल यह आता है कि क्या वास्तव में यह LED बल्ब बिजली की न के बराबर खपत करते हैं। यदि आप भी इस सवाल का जबाब ढूढ़ रहे हैं तो आज की हमारी इस पोस्ट को ध्यानपूर्वक पूरा जरूर पढ़ें। इस पोस्ट में आज हम आपके लिए बताने जा रहे हैं कि जीरो वाट बल्ब हमारे कितना लाभकारी है, यह बिजली की कितनी खपत करता है, और जीरो वाट बल्ब आम बल्ब से सुरक्षित और अच्छे क्यो है। यह जारी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे साथ लास्ट तक बने रहे।

जीरो बल्ब क्या है – What is Zero Bulb

घर में जीरो वाट लैंप द्वारा बिजली बचाएँ

यह एक तरह का कम बिजली व्यय करने वाला बल्ब होता है जिसका उपयोग आज के समय मे सबसे अधिक किया जा रहा है। ये बिजली की 12 से 15 वाट बिजली कि खपत करते हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि जीरो वाट बल्ब का नाम जीरो वाट इसलिए पड़ा है क्योंकि पहले समय मे इस्तेमाल होने वाले बिजली मीटर इस बल्ब के द्वारा की जाने वाली।बिजली की खपत की रेडिंग को मापने में असक्षम होते थे यह मीटर इतने कुशल नही होते थे कि यह कम वाट की परिमाण की शक्ति को माप कर रीडिंग दे सके। इसलिए वे इस बल्ब के द्वारा की जाने वाली बिजली की रीडिंग को 0 देखते थे। इसी कारण LED बल्ब का नाम जीरो बल्ब पड़ा।

जीरो बल्ब या LED बल्ब कितने प्रकार के होते हैं – What are the types of zero bulbs or LED bulbs

एलईडी बल्ब के अविष्कार के बाद इसकी टेक्नोलॉजी के आधार पर इसमें कई सारे बदलाव किए गए जिसकी बहुत सारी variety बाजार में उपलब्ध हैं जिनकी जानकारी किले नीचे दे रहे हैं LED बल्ब अलग-अलग तरीकों से काम करते हैं। जो इस प्रकार नीचे दिए गए हैं।

  1. Traditional inorganic LEDs.
  2. High brightness LEDs.
  3. Organic LEDs

जीरो बल्ब के लाभ – Benefits of Zero Bulbs

आप इसे खुशकिस्मती भी कहे सकते हैं यह बदकिस्मती भी कहे सकते हैं कि आजकल हमारे घरों में ऐसे बिजली मीटर का उपयोग किया जा रहा है जो बिजली की होने वाली एक अंश खपत को भी रीड कर लेता है इसलिए आप इस गलतफहमी में बिल्कुल बिल्कुल ना रहे कि आप आपके घर के मीटर केवल कुछ बिजली की ही रीडिंग करता है।

इससे आप इस प्रकार समझ सकते हैं। जैसे की हम आपको बता चुके हैं कि एक LED बल्ब 15 वाट की खपत करता है यदि हम इससे 24 घटे on रखते हैं तो

  • (365×15×24)/1000=131.4 किलो वाट

यानी कि एक साल में एक LED बल्ब 131.4 किलो वाट होता है जिसके लिए बिजली विभाग से 8 रुपये लेते होंगे। तो बिल की वार्षिक आय-1041.2 यदि हम देखे तो LED बल्ब आर्थिक नजरिये से लाभकारी नही है।

क्या Night lamp में जीरो वाट बल्ब का प्रयोग करना सुरक्षित है-

रात के समय आंखों पर पड़ने वाली रोशनी की गुणवत्ता अधिक होती है जो आंखों के स्वास्थ्य पर प्रभाव डालती है जिसके कारण अच्छी नींद भी नहीं आती है एक नींद शोधकर्ता के अनुसार केवल 8 लक्स की रोशनी मेलाटोनिन में गड़बड़ी करने के लिए काफी होती है। मेलाटोनिन एक हॉर्मोन का नाम है रात के समय बनाता है जो शरीर के बजन, शरीर में ऊर्जा के संतुलन को बनाये रखने में सहायक होता है। यह हार्मोन नीद और किर्काडिअन के तुल्यकालन के लिए जरूरी होता है।

इसके साथ ही ये कैंसर को रोकने के लिए भी उपयोगी होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टैबललैंप की रोशनी की चमक बहुत अधिक और नाईट लैप के मुकाबले 2 गुना होती है। कम रोशनी के सम्पर्क के कारण भी मेलाटोनिन के बनने में हस्तक्षेप होता है। साथ ही नीले रंग वाली रोशनी मेलाटोनिन के उत्पाद के लिए सबसे बेकार है।

ऐसे बहुत से बच्चे होते हैं जिन्हें अंधेरे में डर लगता है तो उनके लिए सफेद आथव नीले रंग की नाइट लैप का उपयोग करने की बजह एक लाल रंग की लैप का इस्तेमाल करना बहुत ही अच्छा रहता है। क्योंकि लाल रंग की रोशनी मेलाटोनिन के उत्पादन में कम से कम हस्तक्षेप करता है। जिससे नीद से जुड़ी बीमारी कम होने की सम्भावना रहती है।

जीरो वाट बल्ब LED का ऑप्शन होता है?

यदि हम जीरो वाट के बल्ब का यूज करते हैं या करना चाहते हैं तो आज के समय में बाजार में कई तरह के एलईडी बल्ब उपलब्ध हैं आज के समय मे इस्तेमाल होने वाले LED बल्ब मात्र 1 वाट बिजली का उपभोग करते हैं जबकि आज के समय मे मिलने वाले जीरो वाट के बल्ब 15 बाट की बिजली का उपभोग करते हैं। इसके मूल्य इनके प्रकार पर निर्भर करते हैं आपके लिए ये बल्ब 75 से 150 रोये तक आसानी से मिल जायेगें। LED बल्ब कई वर्षों तक चलते हैं आज के समय मे LED बल्ब का GM सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले ब्राण्ड में से एक है।

कुछ और जानकारी जीरो वाट बल्ब के बारे में 

हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार केरल राज्य में निवास करने वाले लोग अपने आस पास लगभग 8 लाख से भी अधिक LED बल्ब का इस्तेमाल करते हैं। जो 12- 15 वाट तक कि बिजली उपभोग करते हैं। इस राज्य में बिजली की खपत 9 मेगावाट से भी अधिक हुई है। इससे यह समझ जा सकता है कि जीरो वाट बल्ब भले ही कम बिजली की खपत करते हैं लेकिन इसका अनियंत्रित इस्तेमाल करने से बहुत अधिक बिजली की खपत होती है।

निष्कर्ष

आज हमने आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से घर में जीरो वाट लैंप द्वारा बिजली बचाएँ? | बिजली बचत के लिए एलईडी बल्ब का उपयोग करें?  के बारे मे जाना है। उम्मीद करते है कि इस आर्टिकल में आपको बिजली की बचत के लिए पंखे के रेगुलेटर का चुनाव कैसे करें? के बारे में सभी जानकारी मिल गयी होगी। इसके अलावा अगर आपको इससे जुड़ा कुछ पूछना है तो आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते है।

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