उपकरणों पर वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से बिजली पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उपकरणों पर वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से क्या प्रभाव पड़ता है?:- बिजली से होने वाले उतार चढ़ाव हमारे देश में एक आम बात है क्योंकि हमारे देश के कई जगह पर बोल्ट इसके उतार चढ़ाव अक्सर होते रहते है जो काफी चिंता का विषय है क्योंकि वोल्टेज होने वाले उतार चढ़ाव से हमारे उपकरण को काफी हानि पहुंचती है। ऐसे बहुत कम लोग बोल्टेज के उतार-चढ़ाव के बारे में सोचते हैं आज के लिए इस पोस्ट में बोल्टेज के उतार-चढ़ाव के बारे में जानकारी देंगे साथी हम आपको यह भी बताएंगे कि बोल्टेज के उतार-चढ़ाव से बिजली की खपत पर क्या प्रभाव पढ़ता है पढ़ता है इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप आज की इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें जिसे आप बोल्टेज के उतार-चढ़ाव से होने वाले प्रभाव के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर पाएंगे।

बोल्टेज के मानक क्या है? – What is the standard of voltage

उपकरणों पर वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से बिजली पर क्या प्रभाव पड़ता है

हमारे देश में बिजली का मानक वितरण कई तरीकों से होता है जिसमें से सिंगल फेज में बिजली वितरण 230 बोल्ट माना जाता है तथा तीन कनेक्शन में बिजली 415 बोल्ट वितरण 3 लाइन अथवा भागो में बाटा जाता है जिसमें हर लाइन को 230 बोल्ट में बांटा जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि हमारे देश में बाजार में बिकने वाले लगभग सभी उपकरण 220 से 240 बोल्ट तक के होते हैं यदि हमें कम अथवा ज्यादा बोल्टेज पर उपकरणों को सही तरीके से काम करने के लिए सुधार की जरूरत होती है जिसे हम कनेक्शन भी कहते हैं बहुत सी जगह हो पर बोल्टेज नियमित आधार से नीचे गिरता रहता है जिस कारण यहां सुधार की बहुत जरुरत होती है।

उपकरणों के प्रकार – Types of equipment

बोल्टेज के उतार चढ़ाव के आधार पर विभिन्न विभिन्न उपकरण भिन्न-भिन्न व्यव्हार करते हैं आमतौर पर बोल्टेज स्टेबलाइजर दो प्रकार के होते हैं।

1. मोटर के बिना (रेसिस्टिव लोड आधारित)-

जो उपकरण मोटर के बिना (रेसिस्टिव लोड आधारित) उपकरणों के तहत निम्नलिखित कई उपकरण आते हैं जिनकी जानकारी हम आपको नीचे उपलब्ध करा रहे हैं जो कुछ इस प्रकार हैं। जैसे बल्ब, ट्यूब लाइट, सीएफएल, हीटर जैसे पानी और कमरे के हीटर, और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण जैसे टीवी म्यूजिक सिस्टम, डीवीडी, होम थिएटर, लैपटॉप, फोन, आदि

2. मोटर के साथ (इंडक्टिव लोड आधारित)-

और जो उपकरण मोटर के साथ (इंडक्टिव लोड आधारित) उपकरणों के तहत निम्न उपकरण आतें हैं। एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, छत पंखे, मिक्सर ग्राइंडर, पंप्स, वाशिंग मशीन

मोटर के बिना उपकरण वोल्टेज के उतार-चढ़ाव पर किस तरह प्रभाव डालते है- प्रकाश उत्पन्न करने वाले उपकरण जैसे बल्ब ट्यूबलाइट सीएफएल आदि हीटर जैसे कमरे और पानी के हीटर इन सभी उपकरणों के लिए वोल्टेज स्टेबलाइजर की जरूरत नहीं होती है जैसे कि जब वोल्टेज बहुत कम होते हैं तब इन सभी उपकरणों में करंट भी कम प्रवाहित होता है यानी जब इन उपकरणों में वोल्टेज कम हो जाता है तब इन उपकरणों का आउटपुट भी कम हो जाता है। यदि इन उपकरणों में करंट कम सप्लाई होगा तो बल्ब कम रोशनी देगा वाटर हीटर बहुत धीरे-धीरे पानी को गर्म करेगा।

जिससे इनके द्वारा बिजली की कम खपत होती है। और जब इन उपकरणों में सामान्य से अधिक करंट प्रभावित होता है और यदि ऐसा लगातार होता रहता है तो यह करंट बल अथवा अन्य उपकरणों को चलाने के लिए पर्याप्त होगा जिससे यह उपकरण बिजली की और अधिक खपत करते हैं। ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे डीवीडी प्लेयर कंप्यूटर टीवी आदि 230 बोल्ट से अधिक वोल्टेज पर ही काम करते हैं क्योंकि इन उपकरणों के अंदर एक एस एस पी एस नाम का डिवाइस लगा होता है जो इन उपकरणों में आने वाले करंट को उपकरण की आवश्यकता के अनुसार बदल देता है। यही कारण है कि ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में स्टेबलाइजर की आवश्यकता नहीं होती है।

क्योंकि वह ना कम बोलते से प्रभावित होते हैं और ना ही उन्हें अधिक वोल्टेज से कोई नुकसान होता है इसलिए इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों को किसी भी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं होती है बाजार में ऐसे बहुत से उपकरण उपलब्ध है इसलिए ज्यादातर लोगों को ऐसा लगता है कि अपने उपकरणों की रक्षा करने के लिए शायद हमें इनका इस्तेमाल जरूर करना चाहिए लेकिन सच्चाई तो यह है कि इन उपकरणों को स्टेबलाइजर की जरूरत नहीं पड़ती है और ना ही वोल्टेज का उतार-चढ़ाव इनके आउटपुट में कोई भी बदलाव कर पाता है।

पावर सर्ज क्या होता है? – What is Power Surge

बिजली की अचानक वोल्टेज अथवा करंट में हुई पृथ्वी को पावर सर्च कहा जाता है, जिससे कई इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण को नुकसान हो सकता है। इन पावर सर्च को रोकने के लिए सर्च रक्षक यह स्पाइक गार्ड आदि शार्ट सर्किट से रक्षा तो कर सकते हैं लेकिन बिजली गिरने, आंधी के कारण हुए नुकसान को रोकने के लिए यह पावर सर्च रक्षक सक्षम नहीं होते हैं लैपटॉप एक ऐसा उपकरण है जो पावर सर्किट से सबसे पहले क्षतिग्रस्त होता है, लेकिन लैपटॉप सुरक्षित रहेगा साथ ही टीवी का केवल पावर सर्किट ही खराब होगा अन्य टीवी में उपस्थित सभी यंत्र एकदम सुरक्षित रहते हैं। इसलिए बिजली गिरने के दौरान हमें टीवी को तुरंत बंद कर देना चाहिए या अपने उपकरण को सुरक्षित रखने के लिए सर्च रक्षक किया स्पाइक गार्ड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

उपकरणों पर वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से बिजली पर क्या प्रभाव पड़ता है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए वोल्टेज स्टेबलाइजर की कोई जरूरत नहीं होती है यदि आप ऐसे उपकरणों का उपयोग करते हैं जिसमें मोटर लगी होती है तो आप चाहे तो उसकी रक्षा के लिए स्टेबलाइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे वोल्टेज अधिक या कम होने पर आपके उपकरण को वोल्टेज उतार-चढ़ाव से कोई नुकसान नहीं होगा।

यदि बात करें बिजली की खपत के बारे में तो कम वोल्टेज पर यह उपकरण बिजली की कम खपत करते हैं और वहीं दूसरी और अधिक वोल्टेज पर यह उपकरण बिजली की अधिक खपत करते हैं अगर वोल्टेज स्टेबलाइजर में 210 बोल्ट से थोड़े से कम वोल्टेज है तो यह आपके लिए अच्छा ही है इससे बिजली की कम खपत होती है। और अगर यह वोल्टेज 240 से अधिक किया उसके आसपास है तब यह उपकरण बिजली की बहुत अधिक खपत करते हैं। अगर आपके स्टेबलाइजर में 240 से अधिक वोल्टेज आते हैं.

तो आप के लिए बिजली प्रदाता कंपनी में तुरंत शिकायत दर्ज करनी चाहिए क्योंकि बहुत अधिक वोल्टेज और बहुत कम वोल्टेज आपके उपकरणों को हानि पहुंचा सकते हैं आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वोल्टेज स्टेबलाइजर भी अपने द्वारा बिजली की खपत करते हैं स्टेबलाइजर आमतौर पर तीन से चार परसेंट बिजली की खपत करता है।

अगर आपके लिए अपने उपकरणों को इस्तेमाल करने की आवश्यकता नहीं है तो इन उपकरणों को आप बंद ही रखें क्योंकि बिजली उपकरण के ना चलने पर भी अगर वोल्टेज स्टेबलाइजर कौन है तब इस अवस्था में लगातार स्टाइजर ऑन रहने से भी यह एक परसेंट बिजली की खपत करता है इसलिए अगर आप एक एयर कंडीशन पर व्हाट्सएप लगा रहे हैं तो यह 1 घंटे में बिजली के लगभग 0.15 कोई का सेवन करते हैं। इसलिए आवश्यकता ना होने पर हमें स्टेबलाइजर को बंद रखना ।

निष्कर्ष

आज हमने आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से उपकरणों पर वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से बिजली पर क्या प्रभाव पड़ता है? के बारे मे जाना है। उम्मीद करते है कि इस आर्टिकल में आपको बिजली की बचत के लिए पंखे के रेगुलेटर का चुनाव कैसे करें? के बारे में सभी जानकारी मिल गयी होगी। इसके अलावा अगर आपको इससे जुड़ा कुछ पूछना है तो आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते है।

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