प्रीपेड स्मार्ट मीटर क्या है? ये कैसे काम करते हैं?

प्रीपेड स्मार्ट मीटर क्या है? ये कैसे काम करते हैं?:- देश की सरकार ने आने वाले 3 सालों में सभी घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए भारत सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना को शुरू किया है। जिसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा की गई है इस योजना की घोषणा होने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर हुई योजना क्या है प्रीपेड स्मार्ट मीटर कैसे काम करेगा और इसे लगवाने के क्या फायदे होंगे ऐसे ही बहुत से सवाल आपके मन में भी आते होंगे।

आज हम आप सभी के लिए इस आर्टिकल के माध्यम से प्रीपेड स्मार्ट मीटर से जुड़ी हर एक जानकारी उपलब्ध कराएंगे इसलिए अगर आप भी तेज स्मार्ट मीटर के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आपके लिए हमारे इस आर्टिकल को पूरा ध्यान पूर्वक पढ़ना होगा। इसलिए सबसे पहले जानते हैं कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर क्या है?

प्रीपेड स्मार्ट मीटर क्या है? | What Is Prepaid Smart Meter 

प्रीपेड स्मार्ट मीटर क्या है ये कैसे काम करते हैं

जैसा कि आप इस के नाम से ही समझ गए होंगे कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर यानी इसके लिए आपको पैसे चुकाने होंगे और यह रिचार्ज के जरिए उपयोग में लाया जाएगा जी हां दोस्तों जिस प्रकार आप अपने मोबाइल फोन मेरे जांच करते हैं उसी प्रकार आपको प्रीपेड स्मार्ट मीटर में भी रिचार्ज कराना होगा प्रीपेड स्मार्ट मीटर का रिचार्ज खत्म होते ही आपके घर में बिजली सप्लाई ऑटोमेटेकली बंद कर दी जाएगी। जो आपके प्रीपेड स्मार्ट मीटर का रिचार्ज खत्म हो जाएगा तो इसकी जानकारी मैसेज के द्वारा बिजली उपभोक्ता के पास आ जाएगी ताकि वह अपने मीटर का तन्हा रिचार्ज करा कर अपने घर में बिजली चालू कर सकें।

प्रीपेड स्मार्ट मीटर के फायदे क्या है?

Prepaid Smart Meter Yojana के निम्न फायदे हैं। जिनके बारे में हम आपको विस्तार से बताएंगे। जो इस प्रकार सूचीबद्ध नीचे दिए गए हैं।

  • प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ता को बिजली के लिए अपनी पसंदीदा कंपनी के चुनाव का हक मिलेगा। इसका मतलब बिजली उपभोक्ताओं किसी भी कंपनी की बिजली सुविधा लेने को स्वतंत्र होगा।
  • बिजली उपभोक्ता जितना रिचार्ज कराएगा, वह उतनी ही बिजली खर्च कर पायेगा।
  • जिससे पहले जैसे बिजली बकायादार कहलाने की नौबत ही नहीं आएगी। रिचार्ज के आधार पर बिजली उपभोक्ताओं को 24 घंटे के अंदर बिजली मुहैया कराई जाएगी।
  • जब बिजली का उपयोग किया जाता है तो इसमे स्वचालित रूप से अलार्म का उपयोग होता है अगर  घर में बिजली का लोड अधिक होगा अथवा शेष बैटरी अपर्याप्त होगी तो इसका अलार्म स्वचालित रूप से काम करेगा। जिसकी मदद से उपभोक्ता बिजली लोड या समय पर रिचार्ज को करने के लिए याद दिलाएगा।
  • इसमे किसी भी तरह की छेड़छाड़ की समस्या से भी बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। यदि कोई ऐसा करता है तो सम्बंधित विभाग के पास एक अलर्ट मैसेज पहुचेगा और संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
  • प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ता को बिजली बिल नही प्राप्त होगा। क्योंकि रिचार्ज करने के पर बिजली बिल की जरूरत ही नहीं होगी।
  • जब बिजली का बिल नहीं आएगा तो उसे भरने के लिए आपको बिजली केंद्र के चक्कर काटने की भी जरूरत नहीं होगी।
  • मैनुअल मीटर रीडिंग की भी जरूरत खत्म हो जाएगी। अर्थात आपके बिजली मीटर की रीडिंग   लेने के लिए बिजली कर्मचारी को आपके घर पर आने की आवश्यकता नही होगी।
  • बिजली सम्बंधित कर्मचारी साफ्टवेयर की मदद से   आसानी से स्टेशन से ही हर एक घर की बिजली की खपत की गणना कर पाएंगे।
  • इसके साथ ही मीटर रीडिंग के दौरान होने वाली चूक, जैसे बिल बढ़ाकर भेज दिए जाने की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा।
  • कोई भी बिजली उपभोक्ता प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर लगी डिस्प्ले स्क्रीन के माध्यम से आसानी से वर्तमान शेष बिजली बिल, बिजली की शेष राशि, और पिछले महीने खपत बिजली की मात्रा के माध्यम से पता चल सकता है, जिससे बिजली उपभोक्ता को स्वयं के बिजली की खपत के बारे में पता चल जाएगा।

प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने कुछ नुकसान क्या हैं?

ऊपर हमने आपके लिए Prepaid Smart Meter Yojana के फायदों की जानकारी दी हैं। अब हम आपके लिए इसके नुकसान के बारे में बताएगे।

Prepaid Smart Meter Yojana का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि देश में ऐसे बहुत से लोग है, जिन लोगो की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है वह रिचार्ज न करने की बजह से लाखो लोग बिजली से वंचित हो जाएंगे, क्योकि आप बिजली का इस्तेमाल तभी कर सकते हैं जब आप इसमे रिचार्ज करायेगे। यानी कि अगर बिजली रिचार्ज करने को पैसे न हुए तो उन लोगो को  अंधेरे में गुजर बसर करने को मजबूर हो जायेगे।

कई लोगों का यह कहना है कि इसके बाद क्षेत्र में निजी कंपनियों के उतरने से बिजली कंपनी की सेवा बेशक सुधर आएगा  लेकिन इससे बिजली कंपनी की मनमानी और बढ़ जाएगी। अगर देखा जायेगे तो यह बहुत थोड़े नुकसान के साथ बहुत हद तक एक अच्छा कदम है।

प्रीपेड स्मार्ट मीटर कैसे काम करते हैं?

आपके मन मे एक ओर सवाल भी जरूर होगा कि Prepaid Smart Meter काम कैसे करता है, तो आपके लिए बता दें कि इसमें एक ऐसा डिवाइस लगा रहता है, जो मोबाइल टावर्स के माध्यम से सिग्नल बिजली कंपनियों में लगें रिसीवर तक पहुंचाता है। इससे बिजली कंपनियों के दफ्तरों से मीटर की रीडिंग की निगरानी की जाती है।

प्रीपेड, पोस्ट पेड दोनों पर लग सकते हैं स्मार्ट मीटर-

आपको यह भी बता दें कि स्मार्ट मीटर को दो प्रीपेड या पोस्टपेड कनेक्शन पर लगाया जाता है। जिससे यदि कोई भी व्यक्ति बिजली मीटर से किसी भी तरह की छेड़छाड़ करता है तो बिजली कंपनी को एक alert message  चला जाएगा।

Prepaid Smart Meter को एप से कनेक्ट होने की भी सुविधा-

इसमे आपके लिए एप से कनेक्ट होने भी सुविधा प्राप्त होगी। इसके लिए आपको Google play store से एक App डाऊनलोड करना होगा। इस लिंक पर क्लिक करके आप इस App को डाऊनलोड कर सकते हैं। https://play.google.com/store?hl=en

इसकी मदद से आप जान सकते हैं कि आपका मीटर तेज चल रहा या धीमे। जब चाहे आप रीडिंग जानकर मीटर सही है या गलत यह जान सकते हैं। यह सारी जानकारी आप अपने मोबाइल से ही प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा यह एप आपको एलर्ट भी करता रहेगा कि मीटर तेज चल रहा या धीमे। साथ ही बिजली विभाग भी बिजली की होने वाली चोरी पर नजर रख पायेगा।

2022 के बाद बगैर रिचार्ज कराए नहीं होगी सप्लाई-

इस योजना की घोषणा के अनुसार बिजली की चोरी को रोकने के लिए आने वाली 1 अप्रैल से देश के प्रत्येक घर में प्रीपेड मीटर लगाना अनिवार्य हो जायेगा। जिसके लिए केंद्र सरकार ने 2022 का लक्ष्य रखा है। 1 अप्रैल के बाद लोगों को बिना मीटर को रिचार्ज कराए उनके घर में बिजली की सप्लाई नही दी जाएगी। साथ ही यह सुनने को मिल रहा है कि इस मीटर को लगवाने के लिए बिजली उपभोक्ता को लगभग दो हजार रुपए का भुगतान करना पड़ सकता है।

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